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उज्जैन में झमाझम बरसात से नदी-नाले उफान पर, जिले में अब तक 726.5 मिमी वर्षा दर्ज; प्रशासन ने नदी-नालों से दूर रहने की चेतावनी दी!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश में सक्रिय हुआ स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम उज्जैन सहित कई जिलों में भारी बारिश लेकर आया है। बीते 24 घंटों में जिले के अलग-अलग हिस्सों में जोरदार वर्षा हुई, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
उज्जैन जिले का वर्षा रिकॉर्ड
कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस वर्षाकाल में 5 सितम्बर की सुबह तक उज्जैन जिले में औसतन 726.5 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है, जब इसी अवधि में 656.9 मिमी वर्षा हुई थी।
पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 24.8 मिमी पानी गिरा। तहसीलवार स्थिति इस प्रकार रही:
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बड़नगर – 67 मिमी
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नागदा – 65 मिमी
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महिदपुर – 30 मिमी
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माकड़ौन – 30 मिमी
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झारड़ा – 13 मिमी
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खाचरौद – 12 मिमी
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घट्टिया – 4 मिमी
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उज्जैन तहसील – 2 मिमी
अब तक की कुल बारिश में खाचरौद तहसील सबसे आगे है, जहाँ 902 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद नागदा (859.1 मिमी), तराना (844.9 मिमी), उज्जैन तहसील (771 मिमी) और बड़नगर (775 मिमी) का स्थान रहा।
प्रदेशभर में बाढ़ जैसे हालात
प्रदेश के कई जिलों में डैमों के गेट खोलने पड़े हैं। भोपाल का बड़ा तालाब ओवरफ्लो होने पर भदभदा डैम के गेट इस सीजन में पहली बार खोले गए। रायसेन के हलाली डैम के तीन गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। इंदौर में नाले किनारे बना तीन मंजिला मकान ढह गया, जबकि उज्जैन और नीमच में कारें पानी के तेज बहाव में बह गईं। रतलाम जिले में फंसे परिवारों को एसडीईआरएफ ने देर रात सुरक्षित रेस्क्यू किया।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटों में इन जिलों में ढाई से साढ़े चार इंच तक पानी गिर सकता है।
110% तक पहुंची बारिश
इस मानसून सीजन में मध्यप्रदेश में अब तक 40.6 इंच वर्षा दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य (37 इंच) से अधिक है। यानी प्रदेश में औसत से 110% बारिश हो चुकी है। गुना (63.1 इंच), श्योपुर और मंडला (55.8 इंच) और शिवपुरी (53.3 इंच) सबसे आगे हैं, जबकि खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है।
प्रशासन ने की अपील
लगातार हो रही वर्षा और डैमों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और पुल-पुलियाओं के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और सतर्क रहें।